MP Nayab Tehsildar Syllabus 2026

मध्‍य प्रदेश शासन द्वारा विभागीय परीक्षा के माध्‍यम से Nayab Tehsildar के रिक्‍त पदों पर भर्ती किए जाने हेतु भर्ती किए जाने हेतु MP Nayab Tehsildar Bharti 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर ऑनलाईन आवेदन फार्म आमत्रिंत किए गए है। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह है कि MP Nayab Tehsildar Bharti 2026 में केवल राजस्‍व विभाग में कार्यरत लिपिक वर्ग, पटवारी एवं राजस्‍व निरीक्षक के पदों पर पदस्‍थ कर्मचारीयों को ही पात्रता प्रदाय की गयी है। और इसी के आधार पर कर्मचारी चयन मण्‍डल द्वारा परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।

मध्‍य प्रदेश शासन ने नायब तहसीलदार के रिक्‍त पदों पर भर्ती हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए है जिसमें मध्‍य प्रदेश के राजस्‍व विभाग में कार्यरत लिपिक वर्ग एवं पटवारी , राजस्‍व निरीक्षकों के लिए यह एक महत्‍वपूर्ण अवसर है जो विभाग के सभी कर्मचारी जो पात्रता रखते है उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। इस आर्टिकल में हम आपकों MP Nayab Tehsildar Syllabus 2026 के बारे में विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराएगें इसके लिए आप हमारे ब्‍लॉग के साथ जूडें रहीए।

MP Nayab Tehsildar Syllabus 2026 : Short Detail

MP Nayab Tehsildar Syllabus 2026 मध्य प्रदेश में नायब तहसीलदार बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। परीक्षा में अभ्यर्थियों से सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, सामान्य गणित, तर्कशक्ति, सामान्य विज्ञान और कंप्यूटर ज्ञान जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके साथ ही राजस्व से संबंधित विषयों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। परीक्षा के दूसरे भाग में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC), राजस्व शब्दावली, भू-अभिलेख नियमावली तथा शासकीय सेवा नियमों से संबंधित प्रश्न शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थियों को MP Nayab Tehsildar Syllabus 2026 PDF के अनुसार प्रत्येक विषय की तैयारी व्यवस्थित रूप से करनी चाहिए। परीक्षा की तैयारी के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, मॉडल पेपर और मॉक टेस्ट का नियमित अभ्यास काफी उपयोगी रहेगा। आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए नवीनतम पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को अंतिम मानकर तैयारी करना सबसे बेहतर रहेगा।

प्रश्नपत्र – 1: सामान्य ज्ञान एवं दक्षता (अंक: 100)

1. सामान्य तार्किक योग्यता एवं विश्लेषणात्मक क्षमता (Reasoning & Analytical Ability)

  • शाब्दिक तर्कशक्ति: कोडिंग-डिकोडिंग (एडवांस्ड मैट्रिक्स), दिशा एवं दूरी (कोण आधारित), रक्त संबंध (पहेली आधारित), इनपुट-आउटपुट ट्रैकिंग।
  • विश्लेषणात्मक तर्कशक्ति: कथन एवं पूर्वधारणाएं (Statements & Assumptions), कथन एवं तर्क (Arguments), कारण एवं प्रभाव, निर्णय लेना (Decision Making)।
  • गैर-शाब्दिक तर्कशक्ति: जटिल आकृति श्रृंखला, दर्पण व जल प्रतिबिंब, क्यूब्स एवं डाइस, वेन आरेख (3-सेट समस्याएँ)।

2. सामान्य ज्ञान एवं राज्य विशेष ज्ञान (General Studies & State GK)

  • भारतीय राजव्यवस्था व संविधान: संविधान सभा, मौलिक अधिकार व कर्तव्य, राज्य नीति के निर्देशक तत्व, राष्ट्रपति, राज्यपाल, पंचायती राज व्यवस्था (73वां व 74वां संशोधन)।
  • राज्य विशेष (State Specific GK):
      • इतिहास व संस्कृति: प्रमुख राजवंश, स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका, प्रमुख लोक नृत्य, संगीत, चित्रकला व जनजातियां।
      • भूगोल व अर्थव्यवस्था: नदियां, पर्वत श्रेणी, राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, खनिज संसाधन, कृषि-जलवायु क्षेत्र, बजट और प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं।
  • समसामयिक विषय (Current Affairs): राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय एवं राज्य की गत 1 वर्ष की प्रमुख घटनाएं, खेल, पुरस्कार, नियुक्तियाँ।

3. सामान्य गणित एवं आंकड़ा विश्लेषण (Mathematics & Data Interpretation)

  • संख्यात्मक अभियोग्यता: संख्या पद्धति, LCM/HCF, सरलीकरण, घातांक एवं करणी, बीजगणित (द्विघात समीकरण)।
  • व्यावसायिक गणित: प्रतिशतता, अनुपात-समानुपात, औसत, लाभ-हानि व बट्टा, साधारण व चक्रवृद्धि ब्याज, समय-कार्य, पाइप-टंकी, समय-दूरी व ट्रेन संबंधित प्रश्न।
  • क्षेत्रमिति एवं आंकड़ा विश्लेषण: 2D एवं 3D आकृतियों का क्षेत्रफल व आयतन (त्रिभुज, वृत्त, बेलन, शंकु)। पाई-चार्ट, बार-ग्राफ, तालिका (Tables) पर आधारित Data Interpretation (DI)।

4. सामान्य विज्ञान एवं पर्यावरण (General Science & Environment)

  • भौतिकी: प्रकाश (परावर्तन, अपवर्तन), ध्वनि, तरंगें, कार्य, शक्ति, ऊर्जा, गुरुत्वाकर्षण, दैनिक जीवन में भौतिकी के नियम।
  • रसायन विज्ञान: तत्व, यौगिक व मिश्रण, रासायनिक अभिक्रियाएं, धातु-अधातु, दैनिक जीवन में प्रयुक्त रसायन (साबुन, उर्वरक, प्लास्टिक)।
  • जीव विज्ञान व पर्यावरण: मानव शरीर प्रणाली (पाचन, श्वसन, रक्त परिसंचरण), पोषण एवं विटामिन, प्रमुख रोग व उपचार, पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem), जैव विविधता एवं प्रदूषण।

5. भाषा ज्ञान (हिन्दी एवं अंग्रेजी)

  • सामान्य हिन्दी (Advanced Hindi):

      • व्याकरण: वर्णमाला, संधि (स्वर, व्यंजन, विसर्ग), समास व विग्रह, तत्सम-तद्भव, उपसर्ग-प्रत्यय, लिंग, वचन, कारक।
      • शब्द सामर्थ्य: पर्यायवाची, विलोम, अनेकार्थी, शब्द-युग्म, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरे और लोकोक्तियाँ।
      • प्रशासनिक शब्दावली: अंग्रेजी से हिन्दी अनुवाद (प्रशासनिक शब्द), वाक्य शुद्धि, पदबंध।
  • General English:

      • Grammar & Usage: Tenses, Subject-Verb Agreement, Voice (Active/Passive), Direct & Indirect Speech, Prepositions, Articles, Conjunctions.
      • Vocabulary: Synonyms, Antonyms, Idioms & Phrases, One-word Substitutions, Cloze Test, Spotting Errors, Reading Comprehension.

6. कंप्यूटर ज्ञान एवं ई-गवर्नेंस (Computer & Digital Tools)

  • कंप्यूटर फंडामेंटल्स: हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर Architecture, मेमोरी (RAM/ROM, Cache), ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows/Linux)।
  • MS Office Suite (Advanced):
      • MS Word: फॉर्मेटिंग, मेल मर्ज, टेबल मैनेजमेंट, शॉर्टकट कीज।
      • MS Excel: फॉर्मूले (VLOOKUP, INDEX-MATCH, IF, SUMIF), पिवट टेबल, चार्ट्स।
      • MS PowerPoint: स्लाइड मास्टर, ट्रांजिशन एवं एनिमेशन।
  • नेटवर्किंग एवं साइबर सुरक्षा: IP एड्रेस, DNS, HTTP/HTTPS, फायरवॉल, मालवेयर/वायरस, डिजिटल सिग्नेचर।
  • ई-गवर्नेंस एवं भू-अभिलेख पोर्टल: डिजिटल लैंड रिकॉर्ड सिस्टम, भू-नक्शा सॉफ्टवेयर, ऑनलाइन दाखिल-खारिज प्रणाली का तकनीकी परिचय।

प्रश्नपत्र – 2: विभागीय एवं सेवा संबंधी नियम (अंक: 100)

भाग 1: शासकीय सेवा से संबंधित नियमों का विस्तृत ज्ञान (30 अंक)

[मूल सेवा नियम] ──► [वेतन व भत्ते] ──► [अवकाश व पेंशन] ──► [आचरण व अनुशासन]
  • 1. वेतन निर्धारण एवं भत्ते (Pay Fixation & Allowances Rules):

      • मूल नियम (Fundamental Rules – FR): FR-22(1)(a)(1) के तहत वेतन निर्धारण, पदोन्नति पर वेतन वृद्धि का विकल्प।
      • वेतन आयोग लागू करने की प्रक्रिया: पे-मैट्रिक्स (Pay Matrix), लेवल (Levels), पे-बैंड एवं ग्रेड पे का गणित।
      • भत्ते: यात्रा भत्ता नियम (TA Rules – दैनिक भत्ता, स्थानांतरण पर यात्रा भत्ता), मकान किराया भत्ता (HRA) तथा अन्य विशेष भत्तों की पात्रता एवं गणना।
  • 2. शासकीय सेवा अवकाश नियम (Civil Services Leave Rules):

      • साधारण अवकाश: अर्जित अवकाश (Earned Leave – अर्जन की दर व संचयन सीमा), अर्ध-वेतन अवकाश (HPL), लघुकृत अवकाश (Commuted Leave)।
      • विशेष अवकाश: मातृत्व अवकाश (180 दिन), पितृत्व अवकाश, दत्तक ग्रहण अवकाश, अध्ययन अवकाश (Study Leave), असाधारण अवकाश (EOL)।
      • अवकाश नगदीकरण (Leave Encashment): सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति पर अवकाश भुनाई के नियम।
  • 3. भविष्य निधि एवं पेंशन नियम (GPF / NPS Rules):

      • GPF Rules: अंशदान की सीमा, अग्रिम (Advance) एवं आंशिक आहरण (Non-Refundable Withdrawal) की शर्तें एवं स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी।
      • NPS (National Pension System): Tier-1 और Tier-2 संरचना, नियोक्ता व कर्मचारी का अंशदान, प्रान (PRAN) जनरेशन, आंशिक निकासी के नियम।
  • 4. भर्ती, वरिष्ठता एवं पदोन्नति नियम (Recruitment & Promotion Rules):

      • परिवीक्षा अवधि (Probation Period) के दौरान वेतन, विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता।
      • वरिष्ठता निर्धारण के सिद्धांत (Direct Recruit vs Promotee)।
      • विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया, गोपनीय प्रतिवेदन (CR/APAR) का प्रभाव।
  • 5. सिविल सेवा आचरण एवं अनुशासनिक नियम (Conduct & Discipline Rules):

      • आचरण नियम: संपत्ति का ब्यौरा देना (अचल संपत्ति विवरण), उपहार स्वीकार करने की सीमाएं, राजनीति/मीडिया में भागीदारी पर प्रतिबंध।
      • अनुशासन एवं अपील नियम (CCA Rules):
          • लघु शास्तियां (Minor Penalties) एवं दीर्घ शास्तियां (Major Penalties)।
          • आरोप-पत्र (Charge Sheet) जारी करने की प्रक्रिया, विभागीय जांच (Departmental Inquiry) का संचालन।

भाग 2: राजस्व शब्दावली एवं विभागीय ज्ञान (20 अंक)

1. राजस्व विभाग का प्रशासनिक ढांचा एवं क्षेत्राधिकार

  • शीर्ष से मैदानी स्तर तक की संरचना:

      • बोर्ड ऑफ रेवेन्यू (राजस्व मंडल): संरचना, अपीलीय और पुनरीक्षण शक्तियाँ।
      • संभागायुक्त (Divisional Commissioner) व कलेक्टर (Collector): जिले में राजस्व प्रमुख के रूप में भूमिका, भू-अभिलेख नियंत्रक के कार्य।
      • अनुविभागीय अधिकारी (SDO Revenue) व तहसीलदार / नायब तहसीलदार: राजस्व न्यायालय के रूप में शक्तियाँ, दंडात्मक अधिकार।
      • राजस्व निरीक्षक (RI) व पटवारी: हल्का स्तर पर कार्य, गिरदावरी, सीमांकन, नक्शा अनुरक्षण।
  • विभागीय शाखाएं: नजूल शाखा, भू-अभिलेख शाखा, राहत शाखा, डायवर्जन शाखा, नजूल भूमि प्रबंधन।

2. राजस्व शब्दावली का गहन विश्लेषण (Key Revenue Terms)

शब्दावलीएडवाज्ड परिभाषा एवं प्रशासनिक उपयोग
खसरा (Khasra)प्रत्येक भू-खण्ड (Plot/Field) का विधिक दस्तावेज़, जिसमें क्षेत्रफल, स्वामित्व, फसल विवरण, सिंचाई साधन और लगान का उल्लेख होता है।
खतौनी (B-1)किसी एक भू-स्वामी या खातेदार के स्वामित्व की संपूर्ण जोतों (Holdings) का एकीकृत विवरण/खाता।
नामांतरण (Mutation)भूमि के क्रय, विक्रय, दान, वारसी या वसीयत के आधार पर राजस्व अभिलेखों में पुराने स्वामी का नाम हटाकर नए स्वामी का नाम दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया।
सीमांकन (Demarcation)भू-राजस्व संहिता की धारा 129 के तहत भूमि की मेड़ों/सीमाओं का ईटीएस (ETS) मशीन या ज़रीब से आधिकारिक मापन व चिन्हांकन।
व्यपवर्तन (Diversion)कृषि योग्य भूमि का अकृषि उद्देश्यों (आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक) के लिए उपयोग परिवर्तन और तदनुसार परिवर्तित कर का निर्धारण।
वाजिब-उल-अर्ज / निस्तार पत्रकगाँव की बंजर/शासकीय भूमि के उपयोग, जल स्रोतों, रास्तों, श्मशान, चराई आदि पर ग्रामीणों के सार्वजनिक अधिकारों का विधिक दस्तावेज।

भाग 3: अधिनियम एवं नियमावली का धारावार विश्लेषण (50 अंक)

(क) भू-राजस्व संहिता, 1959 (25 अंक)

(नोट: 2018 एवं हालिया संशोधनों सहित)

  • अध्याय 1 & 2: प्रारम्भिक एवं राजस्व अधिकारी तथा न्यायालय (धारा 1 – 30)

      • धारा 11: राजस्व अधिकारियों के वर्ग।
      • धारा 31-43: राजस्व न्यायालयों की प्रक्रिया, समन करने की शक्ति, आदेशों का निष्पादन और अंतर्निहित शक्तियां (Inherent Powers)।
      • धारा 44-53: अपील, पुनरीक्षण (Revision – धारा 50) एवं पुनर्विलोकन (Review – धारा 51) का क्षेत्राधिकार व समय-सीमा।
  • अध्याय 6: भूमि और भू-राजस्व (धारा 57 – 60)

      • धारा 57: समस्त भूमियों पर राज्य सरकार का स्वामित्व।
      • धारा 58 & 59: भू-राजस्व के भुगतान का दायित्व तथा उपयोग के अनुसार भू-राजस्व का निर्धारण।
  • अध्याय 9: भू-अभिलेख (धारा 104 – 123)

      • धारा 108: अधिकार अभिलेख (Record of Rights – खतौनी/B-1)।
      • धारा 109 & 110: नामांतरण की प्रक्रिया, सूचना देना, पटवारी/तहसीलदार के दायित्व और विवादित नामांतरण का निस्तारण।
      • धारा 114, 115 & 116: खसरा और अन्य भू-अभिलेखों का संधारण, गलत प्रविष्टियों का सुधार एवं खाता विभाजन (Partition of Holding)।
  • अध्याय 10: सीमाएं और सीमा चिन्ह (धारा 124 – 136)

      • धारा 129: सीमांकन (Demarcation) की प्रक्रिया, तहसीलदार के समक्ष आवेदन, आर.आई. की रिपोर्ट और अपील।
      • धारा 131: रास्ते के अधिकार और अन्य सुखाचार (Easementary rights) से संबंधित विवादों का निवारण।
  • अध्याय 12: खातेदार के अधिकार / भू-स्वामी (धारा 157 – 172)

      • धारा 165: भू-स्वामी द्वारा अंतरण के अधिकार, एससी/एसटी (SC/ST) वर्ग की भूमि के अंतरण पर प्रतिबंध (Collector permission)।
      • धारा 172: कृषि भूमि का अकृषि उद्देश्य के लिए व्यपवर्तन (Diversion) कराने की प्रक्रिया व पेनाल्टी।
  • अध्याय 18: आबादी तथा दखल रहित भूमि में अधिकार (धारा 243 – 254)

      • धारा 244 & 246: निस्तार पत्रक एवं वाजिब-उल-अर्ज की तैयारी व संशोधन।
      • धारा 248: सरकारी/शासकीय भूमि पर अनाधिकृत कब्जे (अतिक्रमण) को हटाने की प्रक्रिया, बेदखली और जुर्माना।

(ख) राजस्व पुस्तक परिपत्र – RBC (15 अंक)

[RBC खण्ड 6 (परिशिष्ट 4)] ──► प्राकृतिक आपदा राहत (फसल, मकान, जन-धन हानि)
[RBC खण्ड 4 (परिशिष्ट 1)] ──► शासकीय एवं नजूल भूमि आवंटन नीति
[वित्तीय अधिकार]         ──► कलेक्टर/SDO/तहसीलदार की वित्तीय स्वीकृतियां
  • खण्ड 6 – क्रमांक 4 (प्राकृतिक आपदाओं से राहत):

      • ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, बाढ़, आगजनी, सूखा या कीट प्रकोप से फसल क्षति का आकलन (आना वारी/प्रतिशत)।
      • मकान क्षति (पूर्ण/आंशिक), पशु हानि और मानव मृत्यु/अपंगता की दशा में दी जाने वाली आर्थिक सहायता (अनुग्रह राशि) के मापदंड।
      • राहत राशि स्वीकृत करने के लिए तहसीलदार, एस.डी.ओ. और कलेक्टर की वित्तीय सीमाएं।
  • खण्ड 4 – क्रमांक 1 (भूमि आवंटन एवं प्रबंधन):

      • आवासहीन निर्धन व्यक्तियों को आबादी भूमि के पट्टे का आवंटन।
      • नजूल भूमि की परिभाषा, नजूल भूमि का लीज/पट्टे पर आवंटन, पट्टा नवीनीकरण, प्रीमियम व भू-भाटक (Ground Rent) का निर्धारण।
      • अतिक्रमण के नियमितीकरण (Regularization) की शर्तें एवं दरें।
      • शासकीय भूमि का अंतर-विभागीय हस्तांतरण: विभिन्न सरकारी विभागों को भूमि आवंटन की प्रक्रिया।

(ग) भू-अभिलेख नियमावली – भाग 1 एवं 2 (10 अंक)

  • भाग – 1: पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक कार्य पुस्तिका (Manual of Instructions for Patwaris & RIs)

      • गिरदावरी (Crop Inspection) प्रक्रिया: खरीफ, रबी और जायद फसलों की गिरदावरी का समय चक्र, डिजिटल ऐप के माध्यम से फोटो-अपलोडिंग व प्रविष्टि।
      • नक्शा संधारण (Map Maintenance): शजरा नक्शा (Shajra Map) में तरमीम (Modifications) दर्ज करना, बंटांकन (Sub-division) को नक्शे पर प्रदर्शित करना।
      • पंजियों का संधारण: दाखिला पंजी, नामांतरण पंजी, सीमांकन पंजी, और विलेख पंजी का रखरखाव।
  • भाग – 2: भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण एवं अद्यतनीकरण

    • डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स (Web-GIS Portal): ऑनलाइन खसरा/खतौनी जनरेट करने, डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) करने के नियम।
    • अभिलेख दुरुस्ती (Correction of Records): क्लर्कियल या तकनीकी त्रुटियों के सुधार हेतु तहसीलदार/SDO के समक्ष प्रस्तुत होने वाले मामलों की जांच व संशोधन प्रक्रिया।
    • नजूल भू-अभिलेख: नजूल खसरा, नजूल नक्शा और नजूल ब्लॉक रजिस्टर का संधारण एवं री-सर्वे प्रक्रिया।

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